ये हैं भारत बनाम पाकिस्तान के टॉप 10 थ्रिल्लिंग मैच, आज भी हैं यादगार

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क्रिकेट दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल माना जाता है. जब दो देशों के बीच में मुकाबला होता है तो हर किसी की धड़कने रुक सी जाती है. ख़ास तौर पर बात अगर पाकिस्तान की करें तो भारत और पाकिस्तान का मैच देखने के लिए लोग सबसे अधिक उत्सुक रहते हैं. जब भी टीवी पर इंडिया-पाक का मैच आता है तो बच्चों से लेकर बूढ़े बजुर्ग भी टेलीविज़न के आगे टिक कर बैठ जाते हैं. कुछ लोग तो अपने देश की टीम से इतने खुश हो जाते हैं कि रातभर आतिशबाजी से टीम का शुक्रिया अदा करते हैं. आज हम आपको भारत बनाम पाकिस्तान के कुछ ऐसे ही 10 मजेदार और थ्रिल्लिंग मैचों के बारे में बता रहे हैं जो आज भी काफी चर्चित हैं.

  1. विश्व कप क्वार्टरफ़ाइनल, बैंगलोर (1996)

साल 1996 में पड़ोसी मुल्कों के बीच हुआ यह मैच हमेशा के लिए यादगार बन चुका है. इस मैच में पाकिस्तान टीम ने 248/9 रण बनाये थे जबकि भारत ने 287/8 रण से भारी मात दी थी. कुल 39 रनों से जीत कर भर्ती क्रिकेट टीम वर्ड कप के फाइनल में पहुंची थी. इस मैच में नवजोत सिंह सिद्धू को मैन ऑफ़ थे मैच का खिताब दिया गया था. बता दें कि सिद्धू ने इस मैच में कुल 93 रण बनाये थे और पकिस्तान को करारी हार दी थी. इस मैच ने नवजोत सिंह सिद्धू को क्रिकेट जगत में काफी प्रसिद्ध बना दिया था.

  1. विश्व कप ग्रुप ए सेंचुरियन (2003)

साल 2003 में खेले गये विश्व कप के दौरान पाकिस्तान और भारत का यह मैच काफी यादगार रहा. इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने 98 रन बना कर शोएब अख्तर की गेंदबाजी को मात दी थी. इसमें सचिन और बाकी टीम की मेहनत से भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट और 4 रनों से हरा दिया. आपको बता दें कि इस मैच में भारत की कुल स्कोर 276/4 थी.

  1. विश्व कप, सुपर-सिक्स, मैनचेस्टर (1999)

कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि में खेला गया यह मैच भारत और पाकिस्तान के लिए कभी न भूलने वाला मैच साबित हुआ. इस मैच में पाकिस्तान ने 180 रन बनाये थे. लेकिन भारतीय टीम का स्कोर 227/6 रहा. मैच के बाद वेंकटेश प्रसाद को “मैन ऑफ़ द मैच” ट्राफी से सम्मानित किया गया था.

  1. एशिया कप, मैच 5, मीरपुर (2012)

साल 2012 में हुए भारत और पाकिस्तान के इस मैच में 329/6 का शानदार स्कोर बनाने के बावजूद, पाकिस्तान अंत में हारने की स्थिति में था . लेकिन, विराट कोहली का धन्यवाद, जिन्होंने अकेले अपने दम पर भारत के रन चेज को 148 के स्कोर तक पहुंचाया. उन्होंने 148 रनों की 183 पारियों की मदद से 22 शानदार हिट्स सेफैन्स को लबरेज कर दिया. मैच की अंतिम पारी पर शानदार छक्के के साथ जीत से पूरा स्टेडियम गूंज उठा था. इसमें भारत ने 6 विकेट से पाकिस्तान को मात दी थी और विराट को मैन ऑफ़ द मैच का खिताब दिया गया था.

  1. भारत पाकिस्तान वनडे सीरीज़ में, पहला वनडे, कराची (2004)

कराची के नेशनल स्टेडियम में लगभग 33,000 प्रशंसकों के शोर में हुआ यह मैच भारत के लिए काफी तनावपूर्ण था. वीरेंद्र सहवाग की 57 गेंदों में 79 रन और राहुल द्रविड़ की 99 रन की पारी की बदौलत( जो अपने शतक को पूरा नहीं कर सके) भारत ने पाकिस्तान टीम के लिए 350 रनों का लक्ष्य रखा था. हालाँकि मैच में -उल-हक की 102 गेंदों ने उन्हें जीत के करीब पहुंचा दिया था, लेकिन वे अंतिम चरण में वह लड़खड़ा गए. आशीष नेहरा के आखिरी ओवर में जीत के लिए पाक को 10 रन चाहिए थे, लेकिन पाकिस्तानी टीम पहली पांच गेंदों में केवल चार रन ही बना सकी और हार गयी. इस मैच में “मैन ऑफ़ द मैच” का खिताब इंजमाम-उल-हक को दिया गया था.

  1. इंडिपेंडेंस कप, मैच 6, चेन्नई (1997)

इस मैच के दौरान दरअसल, पाकिस्तान के 327 रन बनाने के बाद भारत कभी भी शिकार में नहीं थाखेलने के लिए पिच पर उतरा था लेकिन और जब टीम ने सचिन तेंदुलकर को 9 रन पर अकीब जावेद के हाथों गंवा दिया, तो भारतीय टीम की आखिरी उम्मीद भी ख़तम हो गयी. इस मैच में पाकिस्तान जेतु रहा. पाकिस्तान ने भारत को 35 रनों से हरा दिया और सईद अनवर को मैन ऑफ़ द मैच ट्राफी से नवाज़ा गया.

  1. पाकिस्तान का भारत दौरा, तीसरा वनडे, हैदराबाद (1987)

यह मैच का एक रोमांचक और विवादास्पद अंत था, अब्दुल कादिर अंतिम डिलीवरी पर रन आउट हो गए, और एक अनावश्यक दूसरी रन लेने की कोशिश कर रहे थे. अगर वह बेवजह दूसरे रन को लेने का प्रयास नहीं करते तो वह आउट नहीं होते. मैच में पाकिस्तान ने टाई-ब्रेकर जीत लिया होता क्योंकि पाकिस्तानियों ने 25 ओवर के बाद भारत की तुलना में अधिक रन बनाए थे. लेकिन मैच के अंत में भारत ने प्रतियोगिता जीत कर पाकिस्तान को एक बार फिर से हार का मुंह दिखा दिया. इसमें जहाँ पाकिस्तान का स्कोर 212/7 था वहीँ भारत का स्कोर 212/6 था.

  1. विश्व कप, सेमीफ़ाइनल, मोहाली (2011)

भारतीयों ने दूसरी बार विश्व कप जीतने की अपनी उम्मीदों को बनाए रखा था . इसलिए तनावपूर्ण मैच के दौरान भी उन्होंने अपनी नसों को पकड़ रखा था. सचिन तेंदुलकर को आउट करने के लिए पाकिस्तान टीम ने कईं जांबाज़ गेंदबाजों को मौका दिया लेकिन सचिन ने 85 रन बना कर पकिस्तान को 29 रनों की भारी मात दी. उनके इस शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें मैन ऑफ़ द मैच की ट्राफी दी गई थी.

  1. ऑस्ट्रेलिया-एशिया कप, फाइनल, शारजाह (1986)

यह जावेद मियांदाद के शानदार करतब के लिए याद किया गया एक शानदार मैच है जोकि इतिहास के सुनहरी अक्षरों में अपना मुकाम हासिल कर चुका है. उनकी यह उपलब्धि जो कि शानदार चमक के माध्यम से हासिल की गई थी क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता के आखिरी गेंद को पार्क से बाहर पाकिस्तान के लिए जीतने के लिए फेंका था. मैच के दौरान भारतीय टीम के क्रिश श्रीकांत ने 75 और सुनील गावस्कर ने 92 रनों की मदद से पहले बल्लेबाजी करते हुए 245/7 स्कोर बनाई थी. वहीँ दूसरी और पाकिस्तान टीम की प्रतिक्रिया योजना अनुसार नहीं थी और उन्होंने बल्लेबाजी के शुरुआती दौर में ही 61 रनों पर तीन विकेट गँवा दिए. लेकिन मियांदाद ने हार नहीं मानी और उस समय भारतीयों को चौंका दिया जब उन्होंने चेतन शर्मा की अंतिम गेंद पर छक्का लगाकर पाकिस्तान को एक प्रसिद्ध जीत दिलाई.

  1. रोथमैन फोर-नेशंस कप, मैच 1, शारजाह (1985)

इस मैच को अभी भी भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए बेहतरीन मुकाबलों में से एक माना जाता है. इसमें इमरान खान ने अपने लेट स्विंग और पिच से मूवमेंट के साथ भारतीय बल्लेबाजों को झकझोरने के बाद 6/14 का स्कोर बनाया. परन्तु इसके बावजूद भी वह पाकिस्तान को हारने से बचा नहीं पाए और 87 रन बना कर पूरी टीम आउट हो गई. लेकिन भारतीय दिग्गजों ने 125 रन बना कर पाकिस्तान को 38 रनों से हरा दिया.

  1. विश्व कप क्वार्टरफ़ाइनल, बैंगलोर (1996)

साल 1996 में पड़ोसी मुल्कों के बीच हुआ यह मैच हमेशा के लिए यादगार बन चुका है. इस मैच में पाकिस्तान टीम ने 248/9 रण बनाये थे जबकि भारत ने 287/8 रण से भारी मात दी थी. कुल 39 रनों से जीत कर भर्ती क्रिकेट टीम वर्ड कप के फाइनल में पहुंची थी. इस मैच में नवजोत सिंह सिद्धू को मैन ऑफ़ थे मैच का खिताब दिया गया था. बता दें कि सिद्धू ने इस मैच में कुल 93 रण बनाये थे और पकिस्तान को करारी हार दी थी. इस मैच ने नवजोत सिंह सिद्धू को क्रिकेट जगत में काफी प्रसिद्ध बना दिया था.

  1. विश्व कप ग्रुप ए सेंचुरियन (2003)

साल 2003 में खेले गये विश्व कप के दौरान पाकिस्तान और भारत का यह मैच काफी यादगार रहा. इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने 98 रन बना कर शोएब अख्तर की गेंदबाजी को मात दी थी. इसमें सचिन और बाकी टीम की मेहनत से भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट और 4 रनों से हरा दिया. आपको बता दें कि इस मैच में भारत की कुल स्कोर 276/4 थी.

  1. विश्व कप, सुपर-सिक्स, मैनचेस्टर (1999)

कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि में खेला गया यह मैच भारत और पाकिस्तान के लिए कभी न भूलने वाला मैच साबित हुआ. इस मैच में पाकिस्तान ने 180 रन बनाये थे. लेकिन भारतीय टीम का स्कोर 227/6 रहा. मैच के बाद वेंकटेश प्रसाद को “मैन ऑफ़ द मैच” ट्राफी से सम्मानित किया गया था.

  1. एशिया कप, मैच 5, मीरपुर (2012)

साल 2012 में हुए भारत और पाकिस्तान के इस मैच में 329/6 का शानदार स्कोर बनाने के बावजूद, पाकिस्तान अंत में हारने की स्थिति में था . लेकिन, विराट कोहली का धन्यवाद, जिन्होंने अकेले अपने दम पर भारत के रन चेज को 148 के स्कोर तक पहुंचाया. उन्होंने 148 रनों की 183 पारियों की मदद से 22 शानदार हिट्स सेफैन्स को लबरेज कर दिया. मैच की अंतिम पारी पर शानदार छक्के के साथ जीत से पूरा स्टेडियम गूंज उठा था. इसमें भारत ने 6 विकेट से पाकिस्तान को मात दी थी और विराट को मैन ऑफ़ द मैच का खिताब दिया गया था.

  1. भारत पाकिस्तान वनडे सीरीज़ में, पहला वनडे, कराची (2004)

कराची के नेशनल स्टेडियम में लगभग 33,000 प्रशंसकों के शोर में हुआ यह मैच भारत के लिए काफी तनावपूर्ण था. वीरेंद्र सहवाग की 57 गेंदों में 79 रन और राहुल द्रविड़ की 99 रन की पारी की बदौलत( जो अपने शतक को पूरा नहीं कर सके) भारत ने पाकिस्तान टीम के लिए 350 रनों का लक्ष्य रखा था. हालाँकि मैच में -उल-हक की 102 गेंदों ने उन्हें जीत के करीब पहुंचा दिया था, लेकिन वे अंतिम चरण में वह लड़खड़ा गए. आशीष नेहरा के आखिरी ओवर में जीत के लिए पाक को 10 रन चाहिए थे, लेकिन पाकिस्तानी टीम पहली पांच गेंदों में केवल चार रन ही बना सकी और हार गयी. इस मैच में “मैन ऑफ़ द मैच” का खिताब इंजमाम-उल-हक को दिया गया था.

  1. इंडिपेंडेंस कप, मैच 6, चेन्नई (1997)

इस मैच के दौरान दरअसल, पाकिस्तान के 327 रन बनाने के बाद भारत कभी भी शिकार में नहीं थाखेलने के लिए पिच पर उतरा था लेकिन और जब टीम ने सचिन तेंदुलकर को 9 रन पर अकीब जावेद के हाथों गंवा दिया, तो भारतीय टीम की आखिरी उम्मीद भी ख़तम हो गयी. इस मैच में पाकिस्तान जेतु रहा. पाकिस्तान ने भारत को 35 रनों से हरा दिया और सईद अनवर को मैन ऑफ़ द मैच ट्राफी से नवाज़ा गया.

  1. पाकिस्तान का भारत दौरा, तीसरा वनडे, हैदराबाद (1987)

यह मैच का एक रोमांचक और विवादास्पद अंत था, अब्दुल कादिर अंतिम डिलीवरी पर रन आउट हो गए, और एक अनावश्यक दूसरी रन लेने की कोशिश कर रहे थे. अगर वह बेवजह दूसरे रन को लेने का प्रयास नहीं करते तो वह आउट नहीं होते. मैच में पाकिस्तान ने टाई-ब्रेकर जीत लिया होता क्योंकि पाकिस्तानियों ने 25 ओवर के बाद भारत की तुलना में अधिक रन बनाए थे. लेकिन मैच के अंत में भारत ने प्रतियोगिता जीत कर पाकिस्तान को एक बार फिर से हार का मुंह दिखा दिया. इसमें जहाँ पाकिस्तान का स्कोर 212/7 था वहीँ भारत का स्कोर 212/6 था.

  1. विश्व कप, सेमीफ़ाइनल, मोहाली (2011)

भारतीयों ने दूसरी बार विश्व कप जीतने की अपनी उम्मीदों को बनाए रखा था . इसलिए तनावपूर्ण मैच के दौरान भी उन्होंने अपनी नसों को पकड़ रखा था. सचिन तेंदुलकर को आउट करने के लिए पाकिस्तान टीम ने कईं जांबाज़ गेंदबाजों को मौका दिया लेकिन सचिन ने 85 रन बना कर पकिस्तान को 29 रनों की भारी मात दी. उनके इस शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें मैन ऑफ़ द मैच की ट्राफी दी गई थी.

  1. ऑस्ट्रेलिया-एशिया कप, फाइनल, शारजाह (1986)

यह जावेद मियांदाद के शानदार करतब के लिए याद किया गया एक शानदार मैच है जोकि इतिहास के सुनहरी अक्षरों में अपना मुकाम हासिल कर चुका है. उनकी यह उपलब्धि जो कि शानदार चमक के माध्यम से हासिल की गई थी क्योंकि उन्होंने प्रतियोगिता के आखिरी गेंद को पार्क से बाहर पाकिस्तान के लिए जीतने के लिए फेंका था. मैच के दौरान भारतीय टीम के क्रिश श्रीकांत ने 75 और सुनील गावस्कर ने 92 रनों की मदद से पहले बल्लेबाजी करते हुए 245/7 स्कोर बनाई थी. वहीँ दूसरी और पाकिस्तान टीम की प्रतिक्रिया योजना अनुसार नहीं थी और उन्होंने बल्लेबाजी के शुरुआती दौर में ही 61 रनों पर तीन विकेट गँवा दिए. लेकिन मियांदाद ने हार नहीं मानी और उस समय भारतीयों को चौंका दिया जब उन्होंने चेतन शर्मा की अंतिम गेंद पर छक्का लगाकर पाकिस्तान को एक प्रसिद्ध जीत दिलाई.

  1. रोथमैन फोर-नेशंस कप, मैच 1, शारजाह (1985)

इस मैच को अभी भी भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए बेहतरीन मुकाबलों में से एक माना जाता है. इसमें इमरान खान ने अपने लेट स्विंग और पिच से मूवमेंट के साथ भारतीय बल्लेबाजों को झकझोरने के बाद 6/14 का स्कोर बनाया. परन्तु इसके बावजूद भी वह पाकिस्तान को हारने से बचा नहीं पाए और 87 रन बना कर पूरी टीम आउट हो गई. लेकिन भारतीय दिग्गजों ने 125 रन बना कर पाकिस्तान को 38 रनों से हरा दिया.

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